*देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि में परमं सुखम्।*
*रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।*
*भावार्थ* - अखण्ड सुहागको देनेवाला *करवाचौथ* पति और पत्नी दोनोंके लिये नवप्रणय–निवेदन और एक–दूसरेके प्रति अपार प्रेम, त्याग एवं उत्सर्गकी चेतना लेकर आता है। इस दिन स्त्रियाँ पूर्ण सुहागिनका रूप धारणकर वस्त्राभूषणोंको पहनकर भगवान् रजनीशसे अपने अखण्ड सुहागकी प्रार्थना करती हैं।
*अखण्ड सौभाग्यव्रत करवा चतुर्थी पर हार्दिक शुभकामनाएं


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